मध्यस्थता और वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) एक व्यावहारिक विषय है, जो पारंपरिक न्यायालयी मुकदमेबाजी के बाहर विवादों को सुलझाने के तरीकों का अध्ययन करता है।
मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996
मध्यस्थता अनुबंध की आवश्यक विशेषताएं (धारा 7), मध्यस्थ न्यायाधिकरण की नियुक्ति की प्रक्रिया, मध्यस्थता अधिनिर्णय (arbitral award) को चुनौती देने के आधार (धारा 34), 2015 और 2019 के संशोधनों के माध्यम से समयबद्ध कार्यवाही पर जोर।
सुलह (Conciliation)
मध्यस्थता और सुलह के बीच अंतर, सुलहकर्ता की भूमिका (निर्णायक नहीं, केवल सहायक), सुलह समझौते की प्रवर्तनीयता।
लोक अदालत और न्यायालय-संबद्ध मध्यस्थता
विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत लोक अदालतों की भूमिका, सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 89 के अंतर्गत न्यायालय-संदर्भित ADR, वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम के अंतर्गत पूर्व-संस्थागत मध्यस्थता।
संस्थागत बनाम तदर्थ मध्यस्थता
भारत में संस्थागत मध्यस्थता को बढ़ावा देने के प्रयास, नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (NDIAC) अधिनियम, 2019 की भूमिका, अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक मध्यस्थता में विदेशी अधिनिर्णयों का प्रवर्तन (न्यूयॉर्क कन्वेंशन)।
और पढ़ें: सभी LL.B. विषय नोट्स · Arbitration and ADR Notes (English)
Useful books for this topic
- Bare acts of the new criminal laws (BNS, BNSS, BSA)
- Code of Civil Procedure bare act
- Legal drafting and conveyancing books
- Constitution of India (coat pocket edition)
As an Amazon Associate, Lexfolio earns from qualifying purchases. Prices and availability are shown on Amazon.
कानून को ठीक से समझिए, सर्टिफिकेट के साथ। FIR, उपभोक्ता शिकायत, बैंक और साइबर फ्रॉड, किराया, वसीयत और विरासत, नौकरी के अधिकार और परिवार से जुड़े कानून, सरल हिंदी में। रोज़मर्रा का कानून: सर्टिफिकेट कोर्स (हिंदी), ₹299: स्वयं की गति से पाठ, हर मॉड्यूल के बाद क्विज़ और 30 प्रश्नों की अंतिम परीक्षा; 60% अंक पर सत्यापन योग्य Lexfolio सर्टिफिकेट।
Leave a Reply