लोक अंतरराष्ट्रीय विधि (Public International Law) राज्यों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और कुछ मामलों में व्यक्तियों के बीच संबंधों को नियंत्रित करने वाले नियमों और सिद्धांतों का अध्ययन है।
अंतरराष्ट्रीय विधि के स्रोत
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के कानून के अनुच्छेद 38(1) के अनुसार स्रोत — संधियां, अंतरराष्ट्रीय प्रथा, सामान्य विधिक सिद्धांत, न्यायिक निर्णय और विधिशास्त्रियों की शिक्षाएं (सहायक स्रोत के रूप में)।
राज्यों की मान्यता और उत्तराधिकार
राज्य की परिभाषा के आवश्यक तत्व (स्थायी जनसंख्या, निर्धारित क्षेत्र, सरकार, अन्य राज्यों के साथ संबंध बनाने की क्षमता — मोंटेवीडियो कन्वेंशन, 1933), मान्यता के सिद्धांत (घोषणात्मक बनाम गठनात्मक)।
संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संगठन
संयुक्त राष्ट्र चार्टर की संरचना, सुरक्षा परिषद की शक्तियां (अध्याय VII), अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) का क्षेत्राधिकार और भारत से संबंधित मामले।
अंतरराष्ट्रीय मानवतावादी विधि
जिनेवा अभिसमय, युद्ध अपराधों की अवधारणा, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) की भूमिका — और भारत का ICC रोम संविधि पर हस्ताक्षर न करने का रुख।
और पढ़ें: सभी LL.B. विषय नोट्स · Public International Law Notes (English)
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